"माँ मैं अब ना वापस आऊँगा"
मां मैं अब ना वापस आऊंगा
फिर से अपने घर को लौटकर
ऑक्सीजन सिलेंडर पहले से तुम
मोहे अगले जन्म मंगवा कर ही रखना
जाने कौन सी जानलेवा बिमारी हो जाएं
मेरा साथ कोई दुर्धटना घटित हो जाएं
जाने कब मुझे इसकी जरूरत पड़ जाएं।
ये भारत देश है यहाँ आदमी को
जनसुविधाओं का अभाव में
जीना पड़ता है या मरना पड़ता है
सड़ चुका है यहाँ का सरकार तंत्र
अस्पतालों से जीवनरक्षक दवाएं
और डाॅक्टर हो गए बहुत ही कम
बेबस लाचार हो चुका है जनतंत्र
जय हो जय हो भारत गणतंत्र!
कुमारी अर्चना
सहायक प्राध्यापिका
एम जे. एम. महिला कालेज, कटिहार
कटिहार,बिहार
मौलिक रचना
31/03/25